जमाबंदी नकल पर अब OTP: नया तरीका और 5 आम गलतियाँ
अगर आपने हाल में apnakhata.rajasthan.gov.in पर जमाबंदी नकल खोली है, तो एक नई स्क्रीन दिखी होगी। नकल खुलने से पहले पोर्टल अब आपका नाम, पता, मोबाइल नंबर और नकल लेने का प्रयोजन पूछता है, फिर उसी नंबर पर आया 6 अंकों का OTP verify करवाता है।
घबराने की बात नहीं है। सूचनार्थ नकल अब भी मुफ्त है, और कोई account या password नहीं बनाना पड़ता। बदला सिर्फ इतना है कि हर नकल अब एक छोटे आवेदन की तरह खुलती है।
यह व्यवस्था किस तारीख से लागू हुई और इसका आधिकारिक कारण क्या है, इस पर राजस्व मण्डल की कोई सार्वजनिक सूचना हमें नहीं मिली। अक्टूबर 2026 की शुरुआत तक प्रकाशित स्वतंत्र गाइड यही प्रक्रिया दर्ज करती हैं। नीचे पूरा तरीका है, वे 5 गलतियाँ जिनसे नकल अटकती है, और असली OTP व ठगी वाले OTP का फर्क।
OTP वाला नया तरीका: जमाबंदी नकल Step by Step
शुरू करने से पहले दो चीज़ें पास रखें: वह मोबाइल जिस पर OTP आएगा, और अपना खाता या खसरा नंबर। पूरी प्रक्रिया लगभग 10 मिनट के session में पूरी करनी होती है।
- apnakhata.rajasthan.gov.in खोलें और होमपेज पर “जमाबंदी नकल” पर क्लिक करें।
- अपना जिला चुनें, फिर तहसील।
- “जमाबन्दी वर्ष” में मौजूदा रिकॉर्ड के लिए “ऑनलाइन जमाबन्दी” रहने दें। पुराने चार-साला रजिस्टर के लिए “चौसाला पद्धति जमाबन्दी” चुनें।
- गाँव के नाम का पहला अक्षर चुनें, फिर सूची से गाँव। हर नाम के साथ पटवार मंडल और ILR वृत्त लिखा होता है, जिससे एक जैसे नाम वाले गाँवों में फर्क किया जा सकता है।
- अगली स्क्रीन पर “जमाबंदी की प्रतिलिपि” चुनें। नामांतरण (P-21) की कॉपी चाहिए तो “नामांतरण की प्रतिलिपि” चुनें।
- सूची में अपना खाता या खसरा ढूँढें और “आवेदन करें” पर क्लिक करें।
- नाम, पता और 10 अंकों का मोबाइल नंबर भरें। प्रयोजन की सूची से वही चुनें जो सच हो: व्यक्तिगत, कानूनी, सरकारी, बैंक, संपत्ति का लेन-देन, शैक्षणिक, व्यापारिक या कृषि।
- “Send OTP” दबाएँ, 6 अंकों का OTP डालें और “Verify OTP” पर क्लिक करें।
- नकल browser की नई window (pop-up) में खुलती है। वहीं से PDF save या print कर लें।

एक बात ध्यान रखें: 10 मिनट तक स्क्रीन पर कुछ न करने पर session खत्म हो जाता है और पोर्टल आपको होमपेज पर लौटा देता है।
5 आम गलतियाँ जिनसे नकल अटक जाती है
OTP वाली स्क्रीन पर ज़्यादातर दिक्कतें पोर्टल की नहीं, इन्हीं पाँच छोटी चूकों की होती हैं।
- Pop-up blocked रहना। OTP verify हो गया पर कुछ नहीं खुला, तो नकल pop-up में अटकी है। Computer पर address bar में blocked pop-up का निशान दबाकर इस साइट के लिए pop-ups allow करें। Mobile Chrome में यही विकल्प Settings → Site settings → Pop-ups and redirects में है।
- बार-बार “Resend OTP” दबाना। Resend बटन 30 सेकंड बाद ही चालू होता है। उससे पहले अपना टाइप किया नंबर दोबारा देखें; एक अंक गलत हो तो OTP किसी और के फोन पर चला जाता है।
- खाता नंबर ढूँढने में session गँवाना। 10 मिनट की सीमा सबसे ज़्यादा यहीं टूटती है। पुरानी नकल, रजिस्ट्री या किसान क्रेडिट कार्ड के कागज़ से खाता या खसरा नंबर पहले निकालकर रखें।
- पुराने जिले में गाँव ढूँढना। पोर्टल की सूची में अब 41 जिले हैं, जिनमें ब्यावर, बालोतरा, डीग, सलूंबर, फलोदी, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा और डीडवाना-कुचामन जैसे नए नाम शामिल हैं। गाँव न दिखे तो पहले पता करें कि आपकी तहसील अब किस जिले में है।
- मुफ्त नकल को बैंक या कोर्ट में देना। पोर्टल का अपना disclaimer कहता है कि यह कॉपी सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है और किसी अदालत या दफ्तर में प्रमाणित कॉपी नहीं मानी जाती। लोन, रजिस्ट्री या मुकदमे के लिए ई-हस्ताक्षरित नकल ई-मित्र कियोस्क या तहसील से लें।
असली OTP और ठगी वाले OTP में फर्क
पोर्टल पर OTP आना अब सामान्य है, इसलिए ठग भी इसी का फायदा उठा सकते हैं। तीन नियम आपको सुरक्षित रखते हैं:
- OTP सिर्फ वहीं डालें जहाँ आपने खुद माँगा हो। आपने apnakhata.rajasthan.gov.in पर “Send OTP” दबाया हो और address bar में यही पता दिख रहा हो, तभी OTP भरें।
- फोन पर OTP किसी को न बताएँ। कोई कहे कि आपकी जमाबंदी update या verify करनी है और OTP बता दीजिए, तो फोन काट दें, चाहे वह खुद को पटवारी, तहसील कर्मचारी या ई-मित्र वाला बताए।
- नकल देखने के लिए किसी को पैसे न दें। सूचनार्थ नकल मुफ्त है। कोई app या website इसके लिए fee या registration charge माँगे, तो वह सरकारी नहीं है।
अगर OTP बताने के बाद पैसे कट जाएँ, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें, और अपने बैंक को भी सूचित करें।
मुफ्त नकल या प्रमाणित नकल: कौन-सी कब चाहिए
OTP के बाद मिलने वाली नकल अपनी जाँच के लिए काफी है; क़ानूनी काम के लिए प्रमाणित कॉपी ही चलती है।
| सूचनार्थ (मुफ्त) नकल | प्रमाणित / ई-हस्ताक्षरित नकल | |
|---|---|---|
| कहाँ से | Apna Khata पोर्टल, OTP verify करके | ई-मित्र कियोस्क, CSC या तहसील |
| शुल्क | निःशुल्क | सेवा शुल्क लगता है, रसीद ज़रूर लें |
| कहाँ काम आती है | अपनी जाँच, सौदे से पहले मिलान | बैंक लोन, रजिस्ट्री, कोर्ट केस |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या अब Apna Khata पर login या registration करना पड़ता है? नहीं। कोई account या password नहीं बनता। नकल के लिए सिर्फ नाम, पता, मोबाइल नंबर, प्रयोजन और OTP चाहिए।
- क्या हर नकल के लिए अलग OTP आएगा? दर्ज प्रक्रिया के अनुसार हाँ, हर कॉपी एक अलग छोटे आवेदन की तरह खुलती है और उसके लिए OTP verify करना होता है।
- मेरे पास smartphone या अपना मोबाइल नंबर नहीं है, तो? नज़दीकी ई-मित्र कियोस्क या तहसील से नकल निकलवाएँ। अपना खाता या खसरा नंबर साथ ले जाएँ, और प्रमाणित कॉपी लें तो रसीद माँगें।
- नामांतरण की स्थिति देखने में भी OTP लगता है? स्थिति “आवेदन की वर्तमान स्थिति” में टोकन नंबर डालकर दिखती है। नकल वाला यह OTP फॉर्म उस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है।
- ज़मीन का नक्शा भी इसी पोर्टल पर मिलेगा? नहीं, नक्शा अलग पोर्टल bhunaksha.rajasthan.gov.in पर है। पूरा तरीका हमारी भू-नक्शा गाइड में है।


